जेटा का घाम मा
आजकल जेटा का घाम मा
तु जाई होली प्यारी फुवगडियों का काम मा ।
यख बिजली कब जांदी कुछ पता नी हम लरक तरक होंया
पसीना सी जेटा का घाम मा ।
होली जो गेहूं छेणी लगी होली काममा ।
तु बिचारी प्यणी होली बांझ बूरांश की जेडियों कु ठण्डू पाणी।
यख त पेपसी कोका कोला लगणु जनू कल्चवाणी ।
ये पापी प्रदेश की खैर प्यारी कैमा लाणी ।
तेला घाम मा प्यारी यखुली रै ना ।
आजकल आछरियों का परा दिन दोपरा मा यखुलु जैना ।
मेरी फिकर न मुखडी कु रंग सुखे ना ।
घास पातक बणो यखुली जै ना ।

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